मधेपुरा/सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में महिला पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों की पोल खोलते नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि ये महिला कॉल गर्ल सप्लायर हैं, जिनकी चौखट पर पुलिस वाले भी माथा टेकते थे और उनकी कोठी में रात गुजारते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला के पास जिले के एसपी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। लेकिन मोबाइल ऐसे ही पुलिस वालों के हाथ नहीं लगा इसके पीछे पूरी कहानी है, तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या है पूरा माजारा।
मिली जानकारी के अनुसार महिला ने आरोप लगाया है कि एसपी के पास मैं लड़की पहुंचाने का काम किया करती थी। एक घंटा के लिए लड़की को छोड़ने पर वो मुझे 300 रुपए दिया करते थे और तीन चार घंटा के लिए लड़की को छोड़ने पर वो मुझे 500 रुपए दिया करते थे। तय हुआ था इसके अतिरिक्त वो मुझे 200 रुपए प्रति दिन दिया करेंगे। लेकिन, वो अब मेरा पैसा तो नहीं दे रहे थे। लड़की का भी पैसा देना बंद कर दिया था। इसके कारण ही हमने अपना पैसा वसूलने के लिए मोबाइल चुरा लिया था। वहीं लड़की ने मोबाइल चोरी कर उसे दिया था। महिला ने दावा किया है कि वह कई और पुलिस अधिकारी के पास भी लड़की भेजा करती है।
बताया गया कि मधेपुरा एसपी राजेश कुमार हाल में छुट्टी पर गए थे, उनके अवकाश पर रहने के कारण मुख्यालय डीएसपी अमरकांत चौबे एसपी के चार्ज में थे। इसी क्रम में महिला के आरोप के अनुसार डीएसपी साहेब ने एक कॉलगर्ल को अपने आवास पर बुलाया। लेकिन उसे उसका रेट नहीं मिलने पर वह तकिये के नीचे रखे मोबाइल ही लेकर चली गयी। इसी क्रम में डीआईजी शिवदीप लांडे ने प्रभारी एसपी को फोन किया, लेकिन वह फोन बंद मिला। इसपर एसपी साहब का मोबाइल को डीआईजी ने सर्विलांस पर ले लिया। मोबाइल का लोकेशन सहरसा में देख डीआईजी साहब भी सकते में आ गए। आनन फानन में मोबाइल बरामद किया गया और महिला से जब पूछताछ हुआ तो सारा मामला सामने आ गया।
वहीं, पुलिस वालों की मानें तो मधेपुरा के एसपी का मोबाइल चोरी हो गया था। एसपी के मोबाइल चोरी होने के बाद पुलिस के सीनियर अधिकारी उसकी तलाश में जुट गए। इसी क्रम में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार कर ली। गिरफ्तारी महिला ने मधेपुरा के एक डीएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।