नवापारा राजिम :- विज्ञान के अद्भुत खोजो और उपलब्धिपुर्ण अविष्कारों को करीब से जानने और समझने के साथ-साथ ऐतिहासिक चीजों को समझने और छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति और पारंपरिक धरोहरों को जानने के लिए लिए स्थानीय नवापारा राजिम के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय में प्रशिक्षणरत बी एड प्रथम सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, महंत घासीदास संग्रहालय, और पुरखौती मुक्तांगन नवा रायपुर का शैक्षणिक भ्रमण किया गया।
संस्था प्रमुख प्राचार्य डॉ. शोभा गावरी की अनुमति एवं शुभकामनाओं के साथ शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सारिका साहू के निर्देशन एवं शैक्षणिक भ्रमण प्रभारी प्रोफेसर विजय सिंह राजपूत अखिलेश शर्मा के मार्गदर्शन पर प्रोफेसर नयना पहाड़िया ,लोमश कुमार साहू ,संतोष शर्मा के सहयोग से शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में बी एड प्रथम सेमेस्टर के 32 प्रशिक्षणार्थी एवं 5 शैक्षणिक स्टाफ शामिल थे.इस शैक्षणिक भ्रमण से छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में विज्ञान के खोज एवं उपलब्धियों को करीब से जानने का प्रयास किया वही विशेष रूप से तारामंडल और मंगल ग्रह पर मानव बस्ती के संभावनाओं जैसे विज्ञान के प्रमुख विषयों को 3 डी शो के रूप में देखकर समझने और जानने का प्रयास किया गया. विज्ञान केंद्र में विभिन्न प्रकार के उपकरणों का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षणार्थियों ने वहां पर उपलब्ध सभी वैज्ञानिक खोज एवं संभावनाओं को भी जानने का प्रयास किया ।
घासीदास संग्रहालय में प्रशिक्षणार्थियों ने मानव जीवन के क्रमिक विकास और पुरातात्विक अवशेषों को समझते हुए विभिन्न ऐतिहासिक मूर्तियों का अवलोकन किया और संग्रहालय में रखे गए सभी ऐतिहासिक चीजों को ध्यान से समझते हुए ऐतिहासिक धरोहर के महत्व को जानने का भी प्रयास किया गया. पर्यटन क्षेत्र के रूप में नए सिरे से विकसित हो रहे ऐतिहासिक धरोहर पुरखौती मुक्तांगन में प्रशिक्षणार्थियों ने भ्रमण कर छत्तीसगढ़ में संस्कृति और परंपराओं के क्षेत्र में हो रहे विकास और बदलाव का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ के बदलते हुए परिवेश को देखने समझने और अनुभव को साझा करने के क्षेत्र में भी विशेष रूचि दिखाई ।








