Home छत्तीसगढ़ वीबी-ग्राम अधिनियम 2025 के तहत 125 दिनों के ग्रामीण रोजगार की गारंटी

वीबी-ग्राम अधिनियम 2025 के तहत 125 दिनों के ग्रामीण रोजगार की गारंटी

11
0

दिल्ली। विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 का पहला मकसद ग्रामीण विकास ढांचे को विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप बनाना है। इसके तहत, हर वित्तीय वर्ष में एक सौ पच्चीस दिनों की वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी उन ग्रामीण परिवारों को प्रदान की जाएगी, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं। इससे वे विस्तारित आजीविका सुरक्षा ढांचे में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले सकेंगे। प्रत्येक ग्रामीण परिवार को राज्य द्वारा अधिसूचित वित्तीय वर्ष के कृषि के लिहाज़ से सबसे बेहतर मौसम के साठ दिनों के अलावा पच्चीस दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।

अधिनियम की धारा 22 की उपधारा (4) के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर प्रत्येक राज्य के लिए राज्यवार मानक आवंटन निर्धारित किया जाएगा।

यहां यह भी कहा गया है कि अधिनियम की धारा 22 के अनुसार, अधिनियम के तहत कार्यान्वित योजना केंद्र प्रायोजित योजना होगी और केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच निधि बंटवारे का अनुपात पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर) के लिए 90:10 और अन्य सभी राज्यों और विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 60:40 होगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए केंद्र सरकार द्वारा 95,692.31 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो बजट अनुमान स्तर पर ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। संबंधित अनुमानित राज्य हिस्सेदारी को शामिल करने के बाद, कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण परिवर्तन, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्रों में आय वृद्धि में खासी तेजी आने की उम्मीद है।

इसके अलावा यह भी कहा गया है कि वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की धारा 3(1) में निहित प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार इस अधिनियम के लागू होने की तिथि से छह महीने के भीतर अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों और उसमें दिए गए गुणों के अनुरूप एक योजना बनाएगी। वीबी-जी राम जी अधिनियम की धारा 4 के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वस्तुनिष्ठ मापदंडों के आधार पर प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए राज्यवार मानक आवंटन निर्धारित किया जाएगा।

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here