दिल्ली। सरकार देश में एक सुरक्षित, जिम्मेदार और जवाबदेह ऑनलाइन गेमिंग इकोसिस्टम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी संदर्भ में, सरकार ने ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स में नवाचार को प्रोत्साहन देने और ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन अधिनियम, 2025 (“गेमिंग अधिनियम”) लागू कर दिया है।

गेमिंग अधिनियम के अंतर्गत ऑनलाइन मनी गेम्स के सभी रूपों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है, चाहे वे संयोग के खेल हों, कौशल के खेल हों या दोनों का संयोजन हों। यह अधिनियम ऐसे खेलों के विज्ञापन, प्रचार और सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ बैंकों या भुगतान प्रणालियों के माध्यम से संबंधित वित्तीय लेनदेन के प्रसंस्करण पर भी रोक लगाता है। अधिनियम अधिकारियों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत अवैध प्लेटफार्म तक पहुंच को अवरुद्ध करने का अधिकार भी देता है।
गेमिंग अधिनियम के उल्लंघन के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश करना या ऐसे ऑनलाइन मनी गेम्स के लिए वित्तीय लेनदेन की सुविधा प्रदान करना तीन वर्ष तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों का दंड हो सकता है। ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश करने या इसकी सुविधा प्रदान करने के लिए दूसरी/बाद की सजा पर कम से कम 3 वर्ष की कैद हो सकती है जिसे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और कम से कम एक करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है जिसे दो करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। ऐसे ऑनलाइन मनी गेम्स का विज्ञापन करना दो वर्ष तक की कैद या पचास लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों के साथ दंडनीय है। ऐसे ऑनलाइन मनी गेम्स का विज्ञापन करने के लिए दूसरी/बाद की सजा पर कम से कम 2 वर्ष की कैद हो सकती है जिसे 3 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और कम से कम पचास लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है जिसे एक करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।







