
दिल्ली। भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में माल ढुलाई में वृद्धि की गति को बनाए रखा और मई 2026 तक 145 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.3 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि लौह अयस्क, इस्पात, उर्वरक और ‘शेष अन्य वस्तुओं’ की श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन के कारण हुई।

पश्चिम एशिया के मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और लॉजिस्टिक्स तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद ढुलाई में वृद्धि हासिल की गई है। भारतीय रेलवे निरंतर परिचालन निगरानी और परिसंपत्तियों के कुशल उपयोग के माध्यम से, देशभर में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
प्रमुख वस्तुओं में, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में ‘शेष अन्य वस्तुओं’ की ढुलाई में 16 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि लौह अयस्क की ढुलाई में 4.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और पिग आयरन व फिनिस्ड स्टील की ढुलाई में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उर्वरकों की ढुलाई में भी 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को सहयोग देने के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।







