Home छत्तीसगढ़ ई-जागृति ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में रजत पुरस्कार जीता

ई-जागृति ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में रजत पुरस्कार जीता

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दिल्ली। उपभोक्ता मामले विभाग के ई-जागरूकता प्लेटफॉर्म को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा सरकारी प्रक्रिया पुनर्गठन श्रेणी-I के अंतर्गत रजत पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों से प्राप्त 341 नामांकनों की गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद प्राप्त हुआ है। यह प्रौद्योगिकी-आधारित, नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के माध्यम से उपभोक्ता शिकायत निवारण में ई-जागरूकता की भूमिका को दर्शाता है।

1 जनवरी 2025 को प्रारंभ किया गया ई-जागृति प्‍लेटफॉर्म चार पुरानी प्रणालियों – ओसीएमएस, ई-दाखिल, एनसीडीआरसी सीएमएस और कॉन्फोनेट को एक एकल एआई-सक्षम, पेपरलेस प्लेटफॉर्म में एक करता है। प्रारंभ होने के बाद से, इस प्लेटफॉर्म ने 2.29 लाख से अधिक उपभोक्ता मामलों को दर्ज करने और 2.07 लाख से अधिक मामलों को निपटाने में सहायता की है। इस प्रकार इस पोर्टल पर 90.75 प्रतिशत मामले निपटाने की दर दर्ज हुई है। साथ ही, यह उपभोक्ताओं को भारत और विदेश में कहीं से भी आसानी से न्याय प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।

प्रारंभ के बाद से प्राप्‍त प्रमुख उपलब्धियां

कुल पंजीकृत उपयोगकर्ता: 4,15,365
दर्ज किए गए मामले: 2,29,174
निपटाए गए मामले: 2,07,997
कुल निपटान दर: 90.75 प्रतिशत
पंजीकृत एनआरआई उपयोगकर्ताओं की संख्या: 3,312
एनआरआई द्वारा दर्ज की गई शिकायतें: 751

उपभोक्ता को न्याय और प्रभावी सेवा प्रदान करने में विभाग द्वारा सुधार

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, उपभोक्ता आयोगों के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं:

दर्ज मामले: 1,65,456
निपटाए गए मामले: 1,52,707
निपटान दर वित्त वर्ष 2024-25 में 89.47 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 92.30 प्रतिशत हो गई।
वर्चुअल सुनवाई सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि:

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निपटाए गए मामलों की संख्या 14,494 से बढ़कर 30,683 हो गई।
सुनवाई की संख्या 24,181 से बढ़कर 87,083 हो गई।
वर्चुअल सुनवाई के माध्यम से निपटाए गए मामलों की संख्या 1,587 से बढ़कर 4,941 हो गई।
अन्य प्रमुख सुधार:

दैनिक आदेश अपलोड करने में 17.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, यह 16,00,214 से बढ़कर 18,77,604 हो गया।
एसएमएस सूचनाएं 19,75,817 लोगों तक पहुंची।
ईमेल सूचनाओं की संख्या 1,98,028 से बढ़कर 37,35,126 हो गई।
यहां तक ​​कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के दौरान भी, उपभोक्ता आयोगों ने शानदार प्रदर्शन बनाए रखा, 38,944 दर्ज मामलों में से 34,600 मामलों का निपटारा किया। इस प्रकार 88.84 प्रतिशत की निपटान दर प्राप्‍त हुई। यह वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही से अधिक है।

न्याय तक त्वरित और आसान पहुंच

अब उपभोक्ता भारत या विदेश में कहीं से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, मामले की प्रगति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं और उपभोक्ता आयोगों तक आए बिना वर्चुअल सुनवाई में भाग ले सकते हैं।

इस प्लेटफॉर्म पर निम्नलिखित सुविधाएं हैं:

ऑनलाइन फाइलिंग और दस्तावेजों का डिजिटल आदान-प्रदान
ओटीपी-आधारित ऑनबोर्डिंग
बहुभाषी
एआई और मशीन लर्निंग-सक्षम सेवाएं
भारत कोष, पेगॉव और एसबीआई ईपे के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान
स्वचालित एसएमएस और ईमेल अलर्ट
एआई चैटबॉट सहायता
वॉइस-टू-टेक्स्ट कार्य
दिव्‍यांग व्यक्तियों के लिए सुलभता सुविधाएं
अधिवक्ताओं और आयोग के अधिकारियों के लिए भूमिका-आधारित डैशबोर्ड
वर्चुअल सुनवाई, सुनवाई का डिफॉल्ट तरीका बन गई है, जिसे एनसीडीआरसी की सभी पीठों और 35 राज्य आयोगों में हाइब्रिड वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग बुनियादी ढांचे द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है।

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