
बैतूल : Two brothers died in Agniveer recruitment rally : केंद्र सरकार द्वारा अग्निवीर योजना की घोषणा के बाद से ही सेना में जानें का सपना देख रहे युवाओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है। सभी युवा लगातार तैयारियां कर रहे हैं ताकि वो भारतीय सेना में शामिल हो सके। लेकिन इन तैयारियों के बीच कई बार कुछ ऐसा भी हो जाता है जिसे सुनकर सभी लोग हैरान हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ मध्य प्रदेश के बैतूल में… यहां एक गांव में मातम फैला हुआ है।

आर्मी भर्ती रैली में शामिल होने आए दो भाइयों की मौत
Two brothers died in Agniveer recruitment rally : दरअसल, मध्य प्रदेश के बैतूल में आर्मी भर्ती रैली में शामिल होने आए दो सगे भाइयों की चार दिनों के अंदर मौत हो गई। ये दोनों भाई अलग-अलग दिन रैली में गए थे। दोनों भाई दौड़ में शामिल होने के बाद बेहोश हो गए थे और इलाज के दौरान ही दोनों ने अपनी जान गंवाई थी। घटना के बाद से गांव में मातम छाया हुआ है।
गांव में पसरा मातम
Two brothers died in Agniveer recruitment rally : दो सगे भाइयों की मौत के बाद आमला तहसील के दियामहू गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में रहने वाले प्रयाग राज यादव के तीन बच्चे थे जिसमें दो लड़के और एक लड़की थी। दोनों बेटों को बचपन से ही सेना में भर्ती होने का जुनून था जिसको लेकर वे पिछले तीन चार साल से तैयारी कर रहे थे। इन दोनों भाइयों का देश सेवा का ख्वाब अधूरा रह गया।
लाल परेड ग्राउंड में अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल हुआ था रूपेंद्र
Two brothers died in Agniveer recruitment rally : भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में अग्निवीर भर्ती रैली में 29 अक्टूबर को 23 साल का रूपेंद्र यादव शामिल हुआ और उसने दौड़ भी लगाई। दौड़ पूरी करने के बाद वो बेहोश हो गया जिसके बाद रूपेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया और परिजनों को सूचना दी गई। बेटे के बीमार होने की खबर पर पिता भोपाल पहुंचे और वहां से भूपेंद्र को बैतूल लेकर आ गए जहां एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। 4 नवंबर को रूपेंद्र की मौत हो गई. रूपेंद्र ने 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी शुरू कर दी थी।
बड़े भाई का जारी था इलाज और दौड़ने पहुंचा छोटा भाई
Two brothers died in Agniveer recruitment rally : जब रूपेंद्र का इलाज चल रहा था तभी उसका 21 साल का छोटा भाई अंकित यादव भी अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने भोपाल गया था। अंकित 3 नवंबर को दौड़ में शामिल हुआ जिसके बाद वो भी बेहोश हो गया। अंकित को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। खबर मिलने पर अंकित के रिश्तेदार भोपाल पहुंचे और उसे भी बैतूल लाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन उसकी हालत नहीं सुधरी और 7 नवंबर को उसकी भी मौत हो गई।
मामले को होनी चाहिए जांच
Two brothers died in Agniveer recruitment rally : विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। हालांकि दोनों ही भाइयों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। जो सैंपल लिए गए हैं उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही सबकुछ साफ हो पाएगा। वहीं दोनों भाई की मौत को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कोई बीमारी नहीं थी और पूरी तरह स्वस्थ थे।








