
रायगढ़ जिले में हाथियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खरसिया वन परिक्षेत्र के गुर्दा गांव के पास मांड नदी में डूबने से एक हाथी शावक की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, खरसिया रेंज के गुर्दा गांव के समीप मांड नदी के आसपास हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा था। इसी दौरान एक शावक नदी के गहरे हिस्से में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। देखते ही देखते उसकी डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
महीने में पांचवी मौत
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में इन दिनों लगभग 50 हाथियों का दल सक्रिय है, जो लगातार विभिन्न इलाकों में आवाजाही कर रहा है। हाथियों की मौजूदगी के बीच शावक की मौत ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि मई महीने में डूबने की वजह से हाथी शावकों की मौत का यह पांचवां मामला है, जिससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही हाथियों के आवागमन वाले संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।







