
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता, संसाधन-संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील को प्रशासनिक अमल का रूप देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज बड़े फैसले किए। अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में एक तरफ जहां बचत, ईंधन-संरक्षण, बिजली नियंत्रण, वर्चुअल कार्यप्रणाली और सरकारी खर्च घटाने के उपाय तय किए गए, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों ने एक वर्ष तक विशेष पारिवारिक परिस्थितियों को छोड़कर सोना नहीं खरीदने का भी सामूहिक संकल्प लिया।

वैश्विक चुनौतियों और बदलते आर्थिक माहौल के बीच केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संदेश दे रही है कि राष्ट्रहित में संयम और बचत की शुरुआत सरकार खुद से करेगी। इसी दिशा में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि शिक्षा और भूमि संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर कई ऐसे फैसले किए, जो शासन, समाज और कृषि – तीनों स्तरों पर सकारात्मक असर डालने वाले हैं।
कृषि भवन, नई दिल्ली में आज आयोजित इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण संदेश उस समय उभरा, जब अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह के आह्वान पर सामूहिक रूप से यह फैसला किया कि अगले एक वर्ष तक, केवल बेटी की शादी या किसी विशेष अपरिहार्य पारिवारिक अवसर जैसी परिस्थितियों को छोड़कर, वे सोना नहीं खरीदेंगे। यह निर्णय औपचारिक सरकारी आदेश से अधिक एक स्वैच्छिक नैतिक-सामाजिक संकल्प के रूप में है, जिसे श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया और राष्ट्रहित में व्यक्तिगत संयम का उदाहरण बताया।




