
कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापना परियोजना को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चीता निरवा और उसके 13 माह के तीन शावकों (दो नर एवं एक मादा) को सफलतापूर्वक नेशनल पार्क के जंगल में मुक्त कर दिया गया है। इन चीतों को पालपुर ईस्ट रेंज के अहेरा पर्यटन क्षेत्र में विगत शनिवार को मुक्त किया गया।

चीता निरवा और उसके तीनों शावकों के जंगल में छोड़े जाने से कूनो के इस क्षेत्र में पुनर्स्थापित चीतों का पारिस्थितिकी तंत्र सशक्त होगा। इससे क्षेत्र में ईको-टूरिज्म गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों को प्राकृतिक परिवेश में चीतों के व्यवहार और उनकी गतिविधियों को देखने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा। इससे वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
वन विभाग के अनुसार चीतों को जंगल में छोड़े जाने के बाद उनकी सतत निगरानी की जा रही है। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्राकृतिक परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलन और विचरण की स्थिति पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक रेडियो टेलीमेट्री प्रणाली एवं समर्पित फील्ड टीमों की सहायता से नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।







