Home दिल्ली अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित

अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित

6
0

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील को भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित करने की घोषणा की है। यह राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि उसे अपना पहला रामसर स्थल प्राप्त हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस आर्द्रभूमि में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 ऑर्किड प्रजातियां पाई जाती हैं, जो ग्लाव झील और इसके आसपास के परिदृश्य के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती हैं।

आपको बता दें, रामसर स्थल (Ramsar Site) अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (Wetlands या नम भूमि) होती हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर संरक्षित करने के लिए ‘रामसर कन्वेंशन’ के तहत सूची में शामिल किया जाता है। इसमें झीलें, दलदल, नदियां और मैंग्रोव जैसे जैव विविधता से भरपूर जलीय क्षेत्र शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस विकास को जैव विविधता संरक्षण, जल और जलवायु सुरक्षा तथा सतत आजीविका के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के रामसर नेटवर्क के उल्लेखनीय विस्तार पर प्रकाश डाला। यादव ने कहा, “2014 में 26 रामसर स्थलों से आज 101 तक की यह उल्लेखनीय यात्रा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक नया रामसर स्थल प्रकृति की रक्षा करने और इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों पर निर्भर समुदायों के हितों की रक्षा करने के भारत के संकल्प को और मजबूत करता है।

इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भारत रामसर स्थलों को नामित करने के मामले में 100 का आंकड़ा पार कर अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।”

ग्लाव झील के जुड़ने से भारत में रामसर स्थलों की संख्या 101 हो गई है, जो देश के अमूल्य आर्द्रभूमि पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here